
मीठी मीठी-187: विक्टोरिया क्रॉस कप्तान गजे घले पुरस्कार
Gaje Ghale: विक्टोरिया क्रॉस गजे घले
लेखक: पूरन चन्द्र काण्डपाल
विक्टोरिया क्रॉस विजेता कप्तान गजे घले कि याद में य पुरस्कार मिकैं म्येरि किताब "महामनखी" क लिजी राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन अल्मोड़ा में 12 नवम्बर 2018 हुणि प्रदान करिगो। य किताब में 21 परमवीरचक्र और 66 अशोकचक्र विजेताओं कि तीन भाषाओं (कुमाउनी, हिंदी और अंग्रेजी) में चर्चा छ। य पुरस्कारक प्रायोजक केसर घले ज्यू कैं य किताब अल्माड़ में भैंट करिगे और उनरै सानिध्य में पुरस्कार सम्मानीकरण लै हौछ।
को छी कप्तान गजे घले? गजे घले नेपाली मूलक एक ब्रिटिश इंडियन आर्मीक सैनिक छी। उनर जन्म 01.8.1918 हुणि हौछ और 16 साल कि उमर में 1934 में ऊं 2/5 रॉयल गोरखा राइफल में भर्ती हईं। 1943 में दुसर विश्व युद्ध क दौरान उनरि पलटन बर्मा में छी। इनरि प्लाटूनल जापानी सेना दगे जमि बेर युद्ध करौ और घमासान युद्ध करते हुए जापानी सेना कैं अघिल बढ़ण है रोकौ। लड़ाइक दौरान इनार छाति और बदन में कतू जाग पर गोइ लागी। फिर लै गजे घलेल मोर्चा नि छोड़। इनरि बहादुरील ब्रिटिश इंडियन आर्मिक मनोबल बढ़ौ और जापानी सेना पस्त हैछ। इनरि बहादुरी देखि इनुकैं 1943 में बहादुरीक सर्वोच्च सम्मान 'विक्टोरिया क्रॉस' (वर्तमान में परमवीरचक्र) प्रदान करिगो।
विक्टोरिया क्रॉस विजेता गजे घले कैं सेवानिवृत हुण है पैली हौनरेरी कैप्टन पद दिइगो। 28 मॉर्च 2000 में 82 वर्षकि उमर में उनर देहांत हौछ। उ नर च्यल केसर घलेल उनरि स्मृति में एक पुरस्कार दीणक लिजी कुमाउनी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति कसारदेवी अल्मोड़ा कैं एक लाख रुपै दान दी रईं। उ रकम पर जो ब्याज मिलूं उ सैन्य सेवाओं पर लेखी किताब कैं दिई जांछ। 2018 में य पैल सम्मान 'विक्टोरिया क्रॉस कैप्टन गजे घले स्मृति पुरस्कार' म्येरि किताब "महामनखी'' कैं प्रदान करिगो। कलिंगपोंग निवासी केसर घले ज्यूकि सोच कैं विनम्र नमन।
पूरन चन्द्र काण्डपाल, 17.11.2018

पूरन चन्द्र काण्डपाल
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