यो लै जांणौं- कस और को नस्स करण चै

     कुमाऊँनी लेख-यो लै जांणौं- कस और को नस्स करण चै Kumauni Lekh-Kaisa Nasha karna chahiye

-:यो लै जांणौं- कस और को नस्स करण चै:-

लेखिका: अरुण प्रभा पंत

उत्तराखंडौक नशा मुक्ति अभियान

उत्तराखंडौक हाइकोर्टाक मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथनै'क पहल पर उत्तराखंड राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरणैल नशैक प्रवृत्ति बढ़नाक कारणैल वीक खिलाफ' संकल्प नशा मुक्त देवभूमि अभियानाक तहत व्यापक स्तर पर कार्यक्रम चलै राखौ बल।

यैक औपचारिक शुरुआत २८ सितंबर बै देहरादून में होलि। यैक जानकारी सदस्य सचिव डाक्टर ज्ञानेन्द्र कुमार शर्मा ज्यूल पत्रकार वार्ता में दे।  यैक संकल्प 'नशामुक्ति देवभूमि अभियान' तय करि गो।  यमैं पैल्ली ४००अधिवक्तानैल और ८९८ पैरा लीगल स्वयं सेवकनैल एक विशेष सर्वे करौ जैल पत्त चलौ कि पुर प्रदेश में नस्साक(नशे का) दुष्प्रभाव भयानक स्तर तक पुज गो हर वर्गाक लोगन में यैक प्रभाव देखण में मिलौ।

आब जे है चुक गो पर अघिल कै यो कम है कम हैबेर समाप्त है जौ और जो बर्बाद है चुकी गेयीं उनार सहायताक लिजि ---
१. काउंसलिंग (समझूण)
२. नशाक कारोबार में लागि लोगनाक खिलाफ कठोर कार्रवाई
३. बर्बाद गरीब परिवारनैक आर्थिक मदद।

आब यो सब तौ भौत भलि बात भै कि हमार पुर देश बै तौ शराब 'ड्वाल' या 'रनकर' न्है जान धैं।  पर एक बात सब गांठ पाड़ ल्हियो कि जब हम क्वेआपण ध्येय या काज कं भली कै सफलता पूर्वक करण चां तो हमन कं वीक प्रति एक नस्स (नशा) जौ पैद करण पड़ूं तबै वांछित सफलता मिल सकें जैसी --
स्वास्थ्यौक नस्स
गीत-संगीतौक नस्स
नृत्यकलाक नस्स
विभिन्न कलाऔनौक नस्स
पढ़ाइक नस्स,भल अंक ल्यूणौ नस्स
क्वे बात सही सिद्ध करणौक नस्स
घर परिवार बसूणौक नस्स
मित्रता और रिश्त निभूणौक नस्स
प्यारौक नस्स
देश प्रेमौक नस्स
डबल जाम करणौक नस्स
लेखण पढ़नौक नस्स
सबन है बेर अघिल रुणौक नस्स
साफ सफाइक नस्स।
उपर्युक्त 'नस्स' में जो जे जे अपनूण चाहौ अपनै सकूं एक या एक है ज्यादे।

यो नस्स अपनूणैक क्वे निश्चित उमर तौ न्हां पर यदि सही टैम में सही नस्स अपनाला तोअभ्यास और सफलताक मौक अधिक मिलौल,नंतर कब यमराज्यू ऐग्याय को जाणु।विचार करिया पर सोमरस कं नै नै और बांकिन कं हां हां।

मौलिक
अरुण प्रभा पंत 

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