
कुमाउनी इंटरव्यू: डॉ. कीर्ति बल्लभ शक्टा ज्यू
हमार कुमाउनी रचनाकार【23】
मित्रो, मैं लगातार आपूं सब लोगनकें परिचित करूंण लाग रयूँ हमार कुमाउनी लोकभाषा रचनाकार'न दगड़ी। जो आपणि लेखनील हमरि कुमाउनी बोलि-भाषा, संस्कृतीकि विकास में आपण योगदान दिण लाग रयी। तो आज मैं आपूं सब लोगनाक् सामणी ल्यै रयूँ। डॉ. कीर्ति बल्लभ शक्टा ज्यू कें। इनर जनम 2 जून सन 1954 हूँ ग्राम-खर्ककार्की, चंपावत में ईजा-कलावती देवी व बौज्यू श्री बद्रीदत्त शक्टा ज्यू घर में भौ। इनरी प्राथमिक शिक्षा प्राइमरी पाठशाला चंपावत बटी फिर इंटरैकि पढाई राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत बटी और उच्च शिक्षा संपूर्णानंद संस्कृत विद्यालय बनारस बै और वांई बटी पी एच डी लै सम्पन्न भै। जैक बाद यौ 4 अप्रैल 1980 में संस्कृताक अध्यापक पद पर नियुक्त भयी। 36 साल शिक्षा विभाग में सेवा दिणा बाद 30 जून साल 2016 में संस्कृत प्रवक्ता पद बटी रिटायर भयी। शक्टा ज्यूक एक च्याल छन कमलेश शक्टा।
प्रस्तुत छन इनन दगै हैई बातचीताक कुछ अंश.....
सवाल01◆ रचना धर्मिता कब बटी और कसिक शुरू भै कुमाउनी लिखणैकि प्रेरणा कां बटी मिलै?
जवाब● रचना धर्मिता हिंदी, संस्कृत और कुमाउनी में सन 1978 बटी प्रारम्भ भै। कुमाउनी में लिखणेकि प्रेरणा श्री मथुरादत्त मठपाल ज्यू बटी मिलै।
सवाल02◆ उ तीन मनखीनों नाम बताओ जनरी जीवनी और कार्य आपूं कें हमेशा प्रेरणा दिनी?
जवाब● तीन प्रेरणा दायक व्यक्ति (1) प्रो.अभिराज राज राजेन्द्र मिश्र (संस्कृत का विद्वान संपूर्णानंद संस्कृत विद्यालय में कुलपति रयी), (2) डाँ रमाकान्त शुक्ल (संस्कृत का विद्वान) और (3)डाँ नवलता (संस्कृत का विद्वान प्रोफेसर रयी कानपुर में)।
सवाल03◆ आपूंल कुमाउनी, संस्कृत और हिंदी'कि को-को विधाओं में आपणि कलम चलै राखै? आपणि लिखणेकि मनपसंद विधा के छ?
जवाब● मैं नाटक और कविता ई लिखूँ। मेरि लिखणेकि मनपसंद विधा कविता छ।
सवाल04◆ आपुण खास शौक के-के छन?
जवाब● पढ़न और लिखण।
सवाल05◆ आपुण लोकप्रिय मनखी को छन? क्वे एक' नाम बताओ।
जवाब● हमार वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ज्यू।
सवाल06◆ आपुण हिंदी, संस्कृत और कुमाउनी में प्रकाशित किताबों नाम कि -कि छ?
जवाब● हिंदी में...
१) 'शिवशक्ति' (महाकाव्य),
२) 'श्रीवासुदेवचरणामृतम्' महाकाव्य प्रेस में,
३) 'संसर्ग विपाक' प्रकाशित (खंडकाव्य)
४) 'संसर्ग सुमन' प्रकाशित (खंडकाव्य)
५) 'काशी' (खंडकाव्य)
६) 'मन की तरंग' (काव्य),
●संस्कृत में,
१) नाटक -राष्ट्रं भवति सर्वस्वम्,
२) नाटक- रंगवीथि,
३) कथा सप्तकथा चक्रम्
●कुमाउनी में,
१) 'न्यायमूर्ति गोरल' महाकाव्य,
२) 'राष्ट्रपहरू सिपै' नाटक।
सवाल07◆ लेखन कार्य करते हुए और अन्य क्वे क्षेत्र में आपूं कें आज तक के-के सम्मान और पुरस्कार मिलि रयी?
जवाब● सम्मान -
१) राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार (भारत सरकार)2010 में।
२) डाँ लक्ष्मीनारायण पाण्डेय स्मृति सम्मान उज्जैन।
३) न्यायमूर्ति गोरल महाकाव्य पर बिनौला सम्मान पहरू अल्मोडा़,2017 में।
४) साहित्यरत्न सम्मान लखनऊ,
५) कविवर गुमानी सम्मान पिथौरागढ, दगाड़ै कैई मंचों व संस्थाओं'ल सम्मानित करि राखौ।
सवाल08◆ आपुण जिंदगीक एक यादगार किस्स बताओ जो सबन दगड़ी साझा करण चाँछा?
जवाब● मेरि जिन्दगी हमेशा अभाव में व्यतीत भै। अनेक प्रकारा कष्ट पारिवारिक समस्या। रोग-व्याधि ग्रस्तता वश जसु मि चैंछ्यू उस नै कर पायूँ। हाँ खर्चै कमी नै रै पर अभाव लगै मस्त रैयान। यद्यपि कैकी मदद लगै करि हुनेलि पर थोड़ा-थोड़ा। भली मदद कभी कैकी नैं कर पायूँ। ये सिल सिला में मीकैं उ दिन खूब याद ऊँछ जब एक दिन डिकर सिंह नामो एक मेरो जजमान मेरा पास आ छ तब वी खन कोई विशेष विपत झै एरैछि। मीं थै को गुरुजी मीकैं पचास हजारै जरूरत पड़िगै कि तुम मेरि मदद करि पाला, यत्ती कूनै मेरा आखों बठे आँसु निकलि गया। मील कौ जजमान आज त्वैले मेरो जीवन सफल करि हा, आज तक मी कैकी लगै ठुलि मदद नैं करि पायूँ। मीं समझ छूं मि कैं भगवान कुछ ए लाइक बनाओ कि मिं कैका काम आ सकूँ। मैंन उकें डबल दिदी। जो बाद में वील वापिस करि द्यान। खुशी मिलै कि म्यार वील कैकै काम चलिगो कै।
सवाल09◆ आपुण हिंदी और कुमाउनी क प्रिय लेखक को-को छन एक-एक नाम बताओ?
जवाब● प्रिय कवि, सूर, कबीर, तुलसी, जयशंकर प्रसाद, विहारी आदि।
वर्तमान में प्रो. विश्वम्भर शुक्ल, डाँ अनिल गहलौत,
कुमाउनी में श्री मथुरादत्त मठपाल।
सवाल10◆ आपण जिंदगी'क एक सबन हैं ठुल खुशीक मौक बताओ?
जवाब● जै दिन 'न्यायमूर्ति गोरल' महाकाव्यौ लोकार्पण भौ 1 जनवरी 2017 में।
सवाल11◆ आपण जिंदगी'क मूल मंत्र कि छ?
जवाब● भगवद् आराधना।
सवाल12◆ आपूं जबकि आब सेवा निवृत्त हैगहा त आब आपणि दिनचर्या कसी बितैं के - के करछा आपूं।
जवाब● घरवालन् दगड़ी समय बितूणा साथ केवल काव्य साधना।
सवाल13◆ नवोदित लेखक व रचनाकार कस काम करनयी और नई पीढी क रचनाकारों हूं कि कूंण चाला?
जवाब● नई पीढ़ी क् रचनाकार नई सोचा साथ काम करनाँन जो कि बहुत बढिया छ।
सवाल14◆ आपुण मन पसंद पहाड़ि खाणु के छ?
जवाब● साधारण रोटो भात और बैड़्यू पुआ।
सवाल15◆ क्वे यस काम जो आपूं समजंछा अगर यौ है जांछियो तो भौत भल हुंछी?
जवाब● तीन चार साहित्यिक काम मन में छन यो पूर है जान त ठीक हुन।
सवाल16◆ वर्तमान में के रचनौछा और आपुणि ऊणी वाली क्वे रचना?
जवाब● वर्तमान में तीन रचनात्मक कार्य शेष छन हिन्दी 'भारत-भारती वैभव' हिंदी महाकाव्य,
'देवभूमि वैशिष्ट्यं' चम्पूकाव्य संस्कृत और एक कुमाउनी काव्य। उनन परै काम चलि रौ।
सवाल17◆ आपूं टीवी में के देखण भल मानछा?
जवाब● मात्र समाचार।
सवाल18◆ सहित्य के छ आपुण शब्दों में बताओ?
जवाब● साहित्य समाजौ दर्पण कई जाँ, साहित्य में त्रिकाल सत्यता हुँचि, लोकोपकारी साहित्य सदा श्रेष्ठ साहित्य कई जाँछ।
कविता'क विषय में मेरी परिभाषा छ -
अलंकार रस पूर्ण हो, रीति गुणों से युक्त |
रचना वह शुभ काव्य है, दोष रहित उन्मुक्त ||
सवाल19◆ आपुण पुर लोक समाज हूं एक संदेश के छ?
जवाब● मैं यैई कूंण चाँ कि एकता'क भाव धरौ, अन्ध विश्वास है दूर रहो और बलिप्रथा विरोध करो।
धन्यवाद
हार्दिक आभार महोदय बातचीत करणा लिजी सादर। भलो लागो आपूं दगै बात करिबेर।
प्रस्तुति~राजेंद्र ढैला काठगोदाम।
आपसे अनुरोध है कि राजेंद्र ढैला जी के बारे में जानने के लिए
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