ठूलो त्यार - भिटौली

ठूलो त्यार - भिटौली पर कुमाऊँनी कविता, kumaoni poem about bhitauli festival, chait maah mein bhai se bhitauli ki aasha

ठूलो त्यार

रचनाकार: राजू पाण्डेय

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घरा मथि रुख मे कांव कांव करनो
यो कव्वा सैद खबर मिकै दिननो
चेतो महीनो भाया आशा लागिरयु
ऐसो लग्नो आज मेरो भेटोलो उननो।

रातत्ते बठै आगो लै फुरान्नो छ
चारो तरफ हरिया हरिया मानिनछ्
आज काम मे मने ना लागि नयो
बार बार हिय मैत खन जाननोछ्।

भाया आलो, ईजा हाता खजरा लयालो
बैठी मेरी माते सब खबर सुनालो
रात भरि हाम सुख दुःख करना
कै मि बतुनु आपनि कै उ बतालो।

सब महिना मे मिकै चैत छ प्यारो
मन खुश भयो बुरांश खिलयो न्यारो
माते की खुश्बू और ईजा भेज्यो प्यार
भैटोली त्यार लागो सबो ठूलो त्यारो।

~राजू पाण्डेय, 01-04-2021
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