चेलो मेरो

कुमाऊँनी कविता-चेलो मेरो, Kumaoni Poem about the mother of a martyr soldier, Kumaoni Bhasha mein kavita

चेलो मेरो

रचनाकार: राजू पाण्डेय

🙏🙏देश के वीर सपूत चम्पावत निवासी शहीद राहुल को विनम्र श्रद्धांजलि🙏🙏
 भगवान पूरे परिवार को इस दुःख को सहने की 
असीम शक्ति प्रदान करें। शत शत नमन


आँखा भलीकै सूखी, कलजो फाड़ि ग
मेरो लाडलो चेलो, सबो में बाँटि ग।

चेलो मेरो मि बठे, कसो खेल करि ग
आफु जानवै र, यो कसो मान करि ग।

अघिला ना उनु, झूठो वादो करि ग
मेरो सपूत शीश, देशा नाम करि ग।

आलो कुना आशा छि, आशा तोड़ी ग 
घर ईजा रुना छोड़ी, पूरो देश जोड़ी ग।

मेरो अचोल छोड़ी, यो तिरंगा ओढ़ी ग 
भै देशा थै शहीद, “राजू" स्वर्ग चढ़ी ग।

शब्दार्थ: 
सबो में बाँटि ग - देश का बेटा हो गया 
ग - गया 
आफु - खुद 
जानवै र – जाता रहा
 मि बठे – मेरे साथ 
अघिला – अगले 
मैना – महीने 
आलो कुना – आयेगा 
अचोल – आँचल
~राजू पाण्डेय, 23-01-2020
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