
"छन"
कुमाऊँनी गीत
रचनाकार: मोहन चन्द्र जोशी
हमार यौं गाड़ यौं गध्यार हमारा
यौं सुन्दर बण लै हमारा छन।
यौं भिड़-भिड़ घास
और अन का भण्डार
सैंण-सैंण यौं स्यारा छन।।
म्याला में पिपरी का बोल
झ्वाड़ा रत्याई के प्यारा छन।
बोलौ मधुर रस भिजिया गैंणा
यौं रसिल गिदार हमारा छन।।
ब्रह्मकमल कस्तूरी मोनाल
सुन्दर बुग्याल हमारा छन।
काफोव बुराँश का डाइ-डाइ
कुतकन कफुवा घुगुती के प्यारा छन।।
के पावन गंग के रंगिल तिरंग
समुद्र हिमाल हमारा छन।
भूमि हमरी कदु रत्न भरी
याँ छै ऋतुऔं का ड्यारा छन।।

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मोहन जोशी, गरुड़, बागेश्वर। 30-01-2016
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