
पहाड़ी ककड़ी का कुमाऊँनी रायता (Kumaoni Rayta)
पहाड़ी ककड़ी का कुमाऊँनी रायता आमतौर पर पकी हुई पीली ककड़ी से बनता है। पहाड़ के गाँवों तथा नगरों के बाजारों में पकी हुयी पीली ककड़ी, बरसात के अंत और जाड़ों के सीजन (अक्टूबर से जनवरी) में उपलब्ध होती हैं, अधिक पकने पर ये पीली से धीरे धीरे हल्की लाल-पीली हो जाती है। यही ककड़ी विशेष रूप से कुमाऊँनी रायता और कुमाऊँनी बड़ी बनाने के ही काम में आती है। अगर पहाड़ी पकी ककड़ी नहीं मिले तो कोई बात नहीं, आप बाजार से जो भी ककड़ी मिले उसे प्रयोग में ला सकते हैं।
पहाड़ी ककड़ी का रायता बनाने की तैयारी:
सबसे पहले ककड़ी को छीलकर उसके कद्दूकस करने लायक छोटे टुकड़े बना लें और बीज वाला भाग अलग कर दें। फिर ककड़ी के टुकड़ों को कद्दूकस (कुमाऊँनी में भुजकोर भी कहते हैं) से कद्दूकस कर लें। पहले से पहाड़ के गाँवों में कद्दूकस करने (कोरने) के लिए कोरैण नाम के उपकरण का प्रयोग किया जाता था जो अब लुप्तप्राय हो गया है। इसके किसी महीन कपडे में डालकर इसे अच्छी तरह निथार कर इसका पानी अलग कर लें। ककड़ी में से अलग किये गए पानी को आप सादा या नमक डालकर किसी पेय की तरह पीने में प्रयोग कर सकते हैं।
पहाड़ी ककड़ी का रायता बनाने ले लिए आवश्यक सामग्री:
1 कप अच्छी तरह जमा हुआ गाढ़ा दही
1 कप कद्दूकस की हुई पहाड़ी ककड़ी
एक-दो बारीक कटी हुई हरी मिर्च (स्वादानुसार)
आधा चाय का चम्मच भुनी हुई पीसी राई
आधा चाय का चम्मच हल्दी
एक गुच्छा हरा धनिया, बारीक कटा हुआ (ऊपर से सजाने के लिए)
नमक स्वादानुसार (इच्छानुसार नमक पीसा हुआ सादा/काला या भांग के दाने/धनिया पत्ती/पुदीना के साथ)
पहाड़ी ककड़ी का रायता बनाने की विधि:
कद्दूकस की हुई ककड़ी को कपडे से निकलकर किसी चौड़े भगोने में डालकर उसमें महीन पीसी हुई राई, हल्दी पाउडर और दही मिलकर इसे अच्छी तरह फेंटकर मिलाएं। ध्यान रहे रायता बनाने या रखने के लिए पीतल या तांबे के बर्तन का प्रयोग ना करें! अगर मिट्टी का चौड़े मुँह का पात्र मिल जाए तो वह रायता बनाने के लिए सर्वोत्तम रहेगा। रायता जितनी अच्छी तरह फेटेंगे, राई अपना रंग और स्वाद उतना अधिक अच्छी तरह छोड़ती है। उसके बाद इसे आधा से एक घंटे के लिए ढककर छोड़ दें। अब इसमें नमक मिलकर इसके ऊपर कटी धनिया पत्ती से सजाएँ और परोसें।
पहाड़ी ककड़ी के रायते में मुख्य पोषक तत्व (Main Nutrient in Pahadi Kakdi ka Rayta):
पहाड़ी ककड़ी के रायते की एक सर्विंग में लगभग निम्न पोषक तत्व (Nutrient) होते हैं:
ऊर्जा - 117.00 कैलोरी
प्रोटीन - 2.90 ग्राम
कार्बोहाईड्रेट - 5.30 ग्राम
फाइबर - 1.50 ग्राम
वसा - 7.90 ग्राम
कोलेस्ट्रॉल - 10.00 मिलीग्राम
विटामिन
विटामिन ए - 197.60 माइक्रोग्राम
विटामिन बी-1 - 0.00 मिलीग्राम
विटामिन बी-2 - 0.10 मिलीग्राम
विटामिन बी-3 - 0.20 मिलीग्राम
विटामिन बी-9 फोलिक एसिड - 5.50 मिलीग्राम
विटामिन सी - 0.00 मिलीग्राम
विटामिन ई - 12.10 माइक्रोग्राम
मिनरल्स
कैल्शियम - 138.20 मिलीग्राम
आयरन - 0.50 मिलीग्राम
मैग्नीशियम - 19.80 मिलीग्राम
फॉस्फोरस - 95.70 मिलीग्राम
सोडियम - 17.90 मिलीग्राम
पोटैशियम - 85.90 मिलीग्राम
ज़िंक - 0.10 मिलीग्राम
श्रोत: तरला दलाल जी के वेब लिंक के अनुसार

अगली बार जब आप पहाड़ पर घूमने या अपने गाँव जाएँ तो ये रायता अवश्य खायें और मिल सके तो आते हुए एक पकी हुई पहाड़ी ककड़ी साथ ले कर जरूर आयें। पहाड़ी ककड़ी का रायता हमारे द्वारा दी गयी विधि से बनाकर खायें एयर खिलायें तो उन्हें समझ आएगा की असली रायता होता कैसा है? इस रायते को खाकर जब तक नथुने ना फूलें, तब तक पहाड़ी रायते का क्या मज़ा! कुमाऊँनी रायता फैलता नहीं है, रायता स्थिर रहता है पर वो अपने शानदार तीखे स्वाद से खाने वाले के नथुनों को काफी फैला देता है।
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