
-:हरुलिक कनफूल (कर्णफूल):-
लेखिका: अरुण प्रभा पंत
-:हरुलिक कनफूल(कर्णफूल):-
हमरि लाटि कालि जै हरुली भौत्तै पछमिलौ (मिलनसार) लै भई। बिसेस होसीयार तौ नि भै पर हरुलि में सिखणैकि एक टक्क जै भै।"मैंलै करु,कोसिस करु "यो सोचनेरै भै हो हमरि यो नानि ब्वारि हरिप्रिया जकं सब हरूलि कुनेर भ्या। हरुलि सात जांलै पढि़ लै भई पै ,हरुलिक दुल्हौ पूरन लै दस फेल छु पर यो बर्स लै इंथ्यान दिनेर छु शैद पास हैयी जौ।
अज्यान मेरि देराण आपण पूरन कं खूब घ्यु नौणि खऊणैं वीक ख्वारन और खुटाक तावन में गाघ्यु (गाय का घी) चपोढ़नै, धौं म्योर लाट बाज देलौ की पास हैजालौ की। पूरन और हरुलिक जोडि़ कं सब "राम मिलाई जोडी़" कुनन हो। हरुलिक दिमाग नानछिना बै येक वजैल नि बण सक किलैकि छोरमुया हरुलि सदा ओऐई टुऐयी (जिसकी कोई पूछ न हो) जै भै।
पूरन तो पांच चेलिन पछिन हैयी च्योल भौय तो वीक इज बाबनैल उकं इतु पुतपुतैयी भौय कि आय जांलै जबकि एक च्योलौक बाब बण गो उकं के लै काम यकलै करणै नि दिनेर भ्या बस हर बखत सबन है भल गरम गरम तर माल खाणैलि वीक बुद्धिक बिकासै जौ निभौय कुंछा।मोटै बेर दन्न है गो पूरन।
जब बै पूरनौक च्योल चंद्रिकापरसाद भौ हरुलिक लै चौल हैगे। कभत्तै कभत्तै हरुलि अचकची जै जैं कि आब सास सौर इतु मिठ्ठ उथैं कै बलाणौन्हाल! आब भल खाणपिणैलि वीक मुखन औरि चमक जै ऐगे हो। ऐसिकै एक दिन जब उ नांणै छी तो वीक कानौक कनफूल जमैं लाल नग लै लागि भौय कैं हरै गोय हो पर उकं पत्तै नि चल। आपण भौकं दूद पेऊण बखत जब उकं आपण कान में खाजि लागि तो उकं आपण कान खौड़(खाली)जौ लागौ तो वीलभली कै आपण कान देखौ तो वीक एक कनफूल कान में भयै नैं।
"ओइजा, को मर ,कां गो न्हौल म्योर कनफूल आब सब मकं ज्यूनै नि रूण द्याल कुंछा, के धान (उपाय) करूं मैं आब।" दूद पिणी भौकं जब वील आपण काखि बै हटा तो उ डाढा़डाढ़ करण भैट,के ढंगैल जब उ सित गोय तब हरुलि ठाडि़ भैऔर अज्यान जब बै उ जतकाय भै, उकं सास चप्पल पैर बेर हिट कुनेर भै। हरुलि कं चप्पलैल औरि अलज्याट जौ हुनेर भै पर सासुक डरैल उं चप्पल पैर ल्हिनेर भै।
जस्सै भौ सितौ उ आपण चप्पल पैरण भैटी तो उकं क्याप बुड़ण(चुभा) जौ लागौ तो उकं रीश जै ऐ कि ऐल मैंल आपण कनफूल लै ढुंढण भौय और ऐलै यो चप्पल लै गड़बड़ करणै।खैर केढंगैल आपण चप्पल पैर उ सब जाग चांण चितूण लागि पर वीक एक चप्पल उकं बेर बेर(बार बार)हिटण में बुणन भैटी। के करूआब ?तो वील चप्पल कं खुट बै गाड़बेर चा तो ओइजा उ हवाई चप्पल में वीक उ लाल रंगौक कनफूल अटकी भौय पर वीक पछिलौक नि मिल उकं उभत और वीक उ कनफूल तो ट्योड़म्योर हैयी भौय और पिचक जौ गोय हो।
चलौ मिल तो गो पर आब पछिनौक पेंच लै ढुंढणै पणौल तबै उकं भ्यार आपण तौल्लि में अटकी वीक उ पेंच लै मिल गोय। हे भगवान पत्ति रैगे। शुन(सोना) हरयी नक हुं बल।
मौलिक
अरुण प्रभा पंत, 11-01-2021
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