
-:कुमाऊनी नाम कथा:-
रचनाकार: अरुण प्रभा पंत
कुछ अदराण नाम लै भाय आय
विनोद, ललित, सतीष, गिरिजा, सूरज
उदय, मनोरथ, पूर्णानंद, रघुराम
छत्रपति, जगतपति, जगदंबा, जगन्नाथ
महेश, सुरेश, रमेश, भूपेश, रघुराई
आनंद, अशोक, सुनील, दिवाकर
दीपचंद्र,नवीन, हेमचंद्र, परशुराम
महेंद्र,नंदन,जयराम, पवन, हरीश
क्वे मुश्किलैल बचौ तो बचराम
रामचन्द्र, लछिमन, गीदन में लै भयै
चेलियान में माला, गीता, चंपा, सुषमा
नारायणी, सुनीता, रंभा, बीना, मंजू
याश याश नाम कि कूणै में नि ऊंन
खाप तालमाल करौ तबै कै सकन छा
सब नामैक मायाछु काम जे लै करौ
आब नाम अणकस्सै हुण भै गेयी हो
जस लै हौ सब नाम पर बदनाम झन हैया
आपण बोलि आपण कं उत्तराखंडी
बणाई रखिया हो भली रैया जीरैया
मौलिक
अरुण प्रभा पंत
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