
-:हमार कुमाऊँनी नाम:-
लेखिका: अरुण प्रभा पंत
कुछेक नाम हमार यां भौत्तै चौल
शैणिन में बसंती, हरूलि, परुलि, जीवंती, भागुलि
पर बसंती नाम सबन है ज्यादे भौय
गोदा, लील, चंद्रा, बैजन्ती, साबुलि, रेबा, खष्टी, मुन्नी
हर गौं में मिल जालिन हमन कं अंबा
रमा, दया, जीवा, माला, शीला, विमला
रेवति, भुबनि, मधुलि, सरुलि, तरुलि, प्रेमा, कमला, पद्मा, लछमी
कला, देवकी, माया, मनोरमा, सोभा
शांति, पुष्पा, इथकै उथकै सबै जाग
जम्मै नाम भाय पर भाय सबै अधुर
ब्याबाद सुंदरि, मंजरि, ब्वारी, दुल्हैणी
'हैं हो', शुणधैं, घरवाय, रम्मुएक इज
उम्र ढली तो सिद्दओबुढ़ि, हरिएकआम्
परवार में नाम है सकर रिश्तै-रिश्त भाय
जब चानू पुरुष नाम उज्याण तो लै
अंबा, केदार, गंगा, राम, हरि, मथुरादत्त
नंदन, भूबन, पूरन, जीबन, सोहन, बसंत
परकास, सोबन, गणेश, गोवर्धन, मुरलीधर, मोहन, शंकर, कैलाश
भैरव, जमुना, मधुसूदन, रेबाधरज्यू
पैल्ली सब जाग पाई जाणी नाम भाय
मौलिक
अरुण प्रभा पंत
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