
इजुक याद
रचनाकार: चम्पा पान्डे
पराणी उदेख लागु हिको भरी ऊछौ,
इजु तेरी यादों मा ओ इजु मन भौतै रुछौ,,
मेरी इजु मन भौतै ऱुछौ,
प्यारी इजु मन भौतै रुछौ।
नान्छिना में इजु मैं तो छीयौ त्यर लाड़ली,
त्यर आघिन पिछाड़ी मैं तो लुरबुराट् पाड़छी,,
त्यर धोती कौ दान् पकड़ी मैं त्यर दगडै़ रुछी।
इजु तेरी यादों मा.......
मणि जब ठुल है गयौ स्कूल लै जाण भै गयौ,
पढ़ लिखी बे घर में आयौ पायि द्वारु पै ताव लागियौ,,
जब तू घर में नी देखि तो इजु मकैं निशाश लागुछी।
इजु तेरी यादों मा.......
पढ़ै लिखैबै इजु सयाण मैकणी बनायौ ,
हाथ पिंगाव करीबै यौ दुनियै रीति निभायौ,,
आपण कलजै टुकुड़ा पर घर दी देछौ।
इजु तेरी यादों मा.......
सौराश जबे इजु सुख लै पायौ दुःख लै पायौ,
हर विपत में इजु त्वील मकै जीण सिखायौ,,
तेरी भलि रति मति लै इजु मैंलै आपण घर बसाछौ।
इजु तेरी यादों मा.......
जब तेरी याद औंछौ घुट -घुटु बाटुलि लागछौ ,
तू मेरी प्यारी इजू आँख लै मेरी भरी औंछौ,,
यौ दुनियकी कसी रीत इजु परायी बणै दिछौ।
इजु तेरी यादों मा.......
धन्यवाद
*चम्पा *पान्डे*, 26-04-2018

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