
दुर्लभ चित्तीदार उल्लू (Spotted Owlet)
(लेखक: दीप रजवाड़)
यह पक्षी एक समय में भारत के सभी हिस्सों में पाया जाता था पर आज इस पक्षी को देखना दुर्लभ हो गया है। चित्तीदार उल्लू को अंग्रेजी में Spotted Owlet और गुजराती में “चीबरी” कहते हैं। ये उल्लू की ही प्रजाति का पक्षी है पर यह उल्लू से अलग है। इसको छोटा उल्लू भी कहा जाता है। दिखने में उल्लू जैसा ही होता है पर यह उल्लू से छोटा होता है और इसकी चोंच उल्लू से बहुत ज्यादा मुड़ी हुई होती है।
ये एक समय में पूरे एशिया में पाये जाते थे पर आज ये कुछ देशों में सिमट कर रह गये हैं। भूरे रंग पर सफ़ेद धब्बे और इसकी पीली आँखें इसे बहुत ख़ूबसूरत बनाते हैं। ये छद्मावरण में माहिर होते है और जब तक ये हलचल या शोर ना करें तो इनको देखना बहुत मुश्किल होता है।
ये जंगलों में या ऐसे गाँव जो जंगल से सटे हुए होते हैं वहाँ इनको इनकी कर्कश आवाज़ से देखा जा सकता है। ये ज़्यादातर खोखले हर घुमावदार पेड़ों पर अपना बसेरा करते हैं जहाँ ये आसानी से छिप सकें। अन्य उल्लुओं की तरह ये पूर्णतः रात्रिचर नहीं होते है और दिन में भी शिकार करते हुए देखे जा सकते हैं।







इसकी आवाज़ बहुत कर्कश होती है ये ज़्यादातर सूर्यास्त व सूर्योदय के समय आवाज़ निकालते हैं। यें छोटे जीव जंतु, कीड़े मकोड़े बिच्छू व सांप का शिकार करते हैं। जंगलो के अंधाधुंध कटान की वजह से आज ये प्रजाति संकटग्रस्त हो चुकी है जिसे संरक्षित करना बहुत ज़रूरी है।
दीप रजवाड़, 24-01-2021
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