
"एक दिन"
रचनाकार: मोहन चन्द्र जोशी
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
कुमाऊँनी गीत
हम माँटी का कणिक जसा हिवाल हौंल एक दिन।
दगाड़ - दगाड़ हिटो शिवाल भेटि हालूँल एक दिन।।
विश्वास का भरी मनौंल झेटि हालूँल एक दिन।
भ्रष्टाचार देश क् हम मेटि हालूँल एक दिन।।
दुल्हैंणि जस सजौंल हम हर देश प्रान्त एक दिन।
शान्ति शान्ति शान्ति हलि याँ दिश लै शान्त एक दिन।।
सिरन बादी यौं भूड़ का तौं स्याप कब निकइ जाओ।
जाँठि मुँङर पयै हमुकैं तैयार द्यखला एक दिन।
एक दिन तो जाँणैं जाँण्, जाँण् सबूँल एक दिन।
तिरंग का दगाड़ हमरि शान, द्यखला एक दिन ।।

................................................................
मोहन जोशी, गरुड़, बागेश्वर। 30-01-2016
0 टिप्पणियाँ